भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से परेशान राहुल गांधी, इसलिए प्रधानमंत्री और विदेश नीति पर कर रहे हैं अभद्र टिप्पणी : महेंद्र भट्ट
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की वैश्विक स्वीकार्यता से बौखलाए राहुल गांधी, मर्यादा की सारी सीमाएं लांघीं
देहरादून:भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वर्ष 1947 की त्रासदी में जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विभाजन का दर्द देश कभी नहीं भूल सकता। यह दिन हमें याद दिलाता है कि तुष्टिकरण और विभाजनकारी राजनीति ने देश को कितनी बड़ी कीमत चुकाने पर मजबूर किया।
श्री भट्ट ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस दिन देश विभाजन की पीड़ा को याद कर रहा है, उसी दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और भारत की विदेश नीति का मजाक उड़ाने वाली टिप्पणी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के पद की गरिमा और देश के राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों को व्यक्तिगत उपहास का विषय बनाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी न केवल राजनीतिक मर्यादा के विपरीत है, बल्कि विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को भी गिराने वाली है। विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर राहुल गांधी को तथ्य और तर्क के साथ बात करनी चाहिए, न कि असभ्य और अभद्र भाषा का सहारा लेना चाहिए।
श्री भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी जिस विदेश नीति का मजाक उड़ा रहे हैं, उसी विदेश नीति ने भारत को वैश्विक मंच पर नई ताकत और सम्मान दिलाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ आत्मविश्वास से संवाद कर रहा है और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्हें भारत की विदेश नीति की गंभीरता समझ नहीं आती, वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की विदेश यात्राओं और वैश्विक नेताओं से संबंधों को राजनीतिक मसखरी का विषय बना रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता और हताशा को दर्शाता है।
श्री भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का अपमान है। राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष का पद केवल राजनीतिक आलोचना का अधिकार नहीं देता, बल्कि भाषा, आचरण और संवैधानिक मर्यादा की जिम्मेदारी भी देता है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें देश को जोड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश देता है, लेकिन कांग्रेस की राजनीति आज भी व्यक्तिगत कटाक्ष, तुष्टिकरण और विभाजनकारी विमर्श के इर्द-गिर्द घूम रही है।
श्री भट्ट ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह राहुल गांधी की प्रधानमंत्री जी और भारत की विदेश नीति को लेकर की गई इस टिप्पणी और भाषा का समर्थन करती है? यदि कांग्रेस वास्तव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं में विश्वास करती है तो उसे राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा देख रही है और राहुल गांधी की ऐसी टिप्पणियों का जवाब तथ्य और जनादेश से दे रही है। कांग्रेस जितना प्रधानमंत्री का अपमान करेगी, उतना ही जनता के बीच उसका राजनीतिक दिवालियापन उजागर होगा।
