विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम 14 अगस्त को राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित होंगे कार्यक्रम
विभाजन से प्रभावित परिवारों को किया जाएगा आमंत्रित
देहरादून। भारत विभाजन की त्रासदी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने के लिए 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेशभर में राज्य एवं जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभाजन की विभीषिका से प्रभावित परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान विभाजन की त्रासदी में दिवंगत हुए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को स्मरण करने के साथ ही देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
सभी जिलों में डिजिटल प्रदर्शनी का होगा आयोजन
प्रदेश के सभी जिलों में संस्कृति मंत्रालय की ओर से तैयार की गई डिजिटल प्रदर्शनी भी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी को भारत सरकार के पोर्टल से डाउनलोड कर आमजन के अवलोकन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें विभाजन के दौरान प्रभावित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और उस दौर की परिस्थितियों को दर्शाया जाएगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से उन असंख्य लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी का दंश झेला और अपने घर-परिवार तथा मातृभूमि से विस्थापित होने की पीड़ा सहन की। कार्यक्रमों के जरिए भावी पीढ़ी को इतिहास की इन घटनाओं से अवगत कराने के साथ यह संदेश भी दिया जाएगा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि है।
