हल्द्वानी की काजल समाज के दुर्बल लोगों के लिए है आशा की किरण
विरेन्द्र सिंह कपकोटी
हल्द्वानी।
हल्द्वानी की महिला समाज सेविका काजल खत्री समाज के लिए एक प्रेरणा है,उनका जीवन खुद संघर्षों में बीता है लेकिन आज वह समाज में संघर्ष करने वाले व दुखी-परेशान लोगों की सहायता करने में पीछे नहीं हटती हैं।
घरेलू हिंसा से लेकर किसी भी प्रकार की महिलाओं की समस्याओं के निदान के लिए वह हर वक्त हाजिर रहती हैं।
उनके संघर्ष की लम्बी फेहरिस्त को हम यहां पूरी तरह से बयां तो नहीं कर सकते,लेकिन कुछ बातों का उल्लेख हम यहां करने जा रहे हैं।
पहला केस-एक महिला जिसको उसके पति ने बहुत मारा पीटा था उसकी कॉल आई की मैम मेरी सहायता करो उसके बाद काजल रेनू शरण के द्वारा उसकी सहायता की।
दूसरा-केस महिला को झूठे प्यार के जाल में फंसाकर 5 साल लिव इन रिलेशनशिप रहने वाले को उसके घर वालों ने कोर्ट में शादी करवाई लेकिन वह उसी दिन से महिला के साथ मारपीट करने लगा तथा उसे छोड़ कर चला गया,लेकिन काजल के प्रयासों से अब उस महिला के पति ने उसे अपने साथ रखा है।
तीसरा केस-कोरोना काल में हल्द्वानी के देवाशीष होटल के पीछे एक महिला रहती थी उसके पति की मृत्यु हो गई थी उसे काजल ने पूरी सहायता पहुंचाई।
चौथा केस-कोरोना महामारी में खटीमा में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर काजल ने उसकी बेवस पत्नी की आर्थिक सहायता की तथा उसके घर महीनेभर का राशन भिजवाया।
पांचवा केस-कोरोना महामारी में दो बुजुर्ग जिनके परिजनों ने उन्हें हर से बेघर कर दिया था उस समय काजल ने रेनू के साथ मिलकर उनकी सहायता की।उनके रहने, खाने-पीने का इंतजाम किया।
इतना ही नहीं काजल खत्री समाज के हर दुखी व्यक्ति व परिवार का दुख बांटती है तथा हर मुद्दे में अपना योगदान देने का भरपूर व भरसक प्रयत्न करती है।
