मुख्यमंत्री की उपलब्धियों एवं हरेला महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन, प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत का दिया संदेश
देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद तथा संस्कृति विभाग, उत्तराखंड शासन के तत्वावधान में बुधवार को देहरादून में मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के पांच वर्षों की उपलब्धियों, सेवा, संकल्प, विकास एवं जनता के विश्वास पर आधारित कार्यक्रम और हरेला हरियाली महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, लोक संस्कृति के संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और उत्तराखंड की पारंपरिक वाद्य ध्वनियों के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, राज्य मंत्री मधु भट्ट, राज्य मंत्री गणेश जोशी, राज्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

संगोष्ठी का विषय “हरेला: प्रकृति, संस्कृति और सतत विकास” रहा, जिसमें वक्ताओं ने हरेला पर्व के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य की विकास यात्रा पर भी प्रकाश डाला गया।

विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लोकगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, कला, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों, विद्यार्थियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।

उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन साधना शर्मा और अर्चना डिमरी ने किया।
