June 17, 2026

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गुजरात के 2 ठगों को एसटीएफ ने धर दबोचा,15लाख उड़ाये थे दून की महिला के खाते से

गुजरात के 2 ठगों को एसटीएफ ने धर दबोचा,15लाख उड़ाये थे दून की महिला के खाते से
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देहरादून।
समय के साथ-साथ ठगों ने भी ठगी का नया हथकंडा अख्तियार कर लिया है।अब ठगों ने भी स्मार्ट तरीकों से सीधे साधे लोगों को ठग कर चूना लगाने में महारथ हासिल कर ली है,लेकिन पुलिस भी अपने लम्बे हाथों से ठगों को हाथों हाथ ले रही है।
ऐसा ही एक मामला देहरादून में पिछले वर्ष घटित हुआ,लेकिन एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ठगों को धर दबोच कर एक बार फिर से उत्तराखंड पुलिस का नाम रोशन करने जैसा काम किया है।



खुद को बैंक अधिकारी बताकर देवभूमि उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून की महिला को ठगने वाले 2 ठगों को एसटीएफ ने गुजरात से गिरफ्तार किया है।
ठगों ने महिला के खाते से ₹15 लाख निकाल लिए थे।एसटीएफ ने इनके पास से मोबाइल फोन,सिम कार्ड बरामद किए हैं।इनमें से एक खाता खुलवा था और फिर ओटीपी बताने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी।एसटीएफ द्वारा दोनों आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश भी की जा रही है।



पुलिस को अभी तक की जांच में सरगना शैलेश को बताया जा रहा है। उसके पास से जो फोन और सिम मिले हैं उन्हीं से लोगों को फोन किए जाते थे। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अंजू केन निवासी एकता विहार,सहस्त्रधारा रोड,देहरादून ने पिछले साल शिकायत की थी।उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था और फोन करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बता कर केवाईसी करने की बात कही थी।अंजू ने सारी जानकारी उसे दे दी उसके बाद उनके खाते से 15 लाख रुपए कट गये। खाते से रुपए काटने की जानकारी होने पर अंजू ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया और पुलिस ने तब से ही मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पड़ताल में एसटीएफ को पता चला कि आरोपियों ने यह रकम गुजरात,पश्चिम बंगाल,राजस्थान और दिल्ली आदि स्थानों से निकाला है। इस आधार पर मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जांच करते हुए एसटीएफ की टीम गुजरात के पाटन पहुंची और आरोपियों को दबोचने में कामयाब हो गई।पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने नाम ठाकुरजी शैलेश निवासी हारिज पाटन और ठाकुरजी दयमाजी निवासी पालमपुर गुजरात बताया।आरोपियों के अन्य साथी भी इसी तरह की ठगी में लिप्त हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।





उम्मीद की जाती है कि पुलिस भविष्य में भी इसी प्रकार साइबर ठगों को शीघ्र सलाखों के पीछे डलवाकर ठगी के शिकार लोगों को राहत प्रदान करने का काम करेगी।