October 8, 2026

Hind Savera News Portal

Just another WordPress site

एसआईआर के आंकड़ों से कांग्रेस के नाम काटे जाने के झूठ हुआ बेनकाब : भाजपा

दुनियाभर में मिसाल बनी, चुनावी प्रक्रिया को बदनाम कर रही है हताश कांग्रेस : भाजपा

​देहरादून 8 अक्तूबर। भाजपा ने एसआईआर को लेकर कांग्रेसी झूठ की पोल खोलते हुए कहा कि जिस फार्म 7 से नाम हटाने का झूठ फैलाया जा रहा है उससे सिर्फ 7 हजार लोगों के नाम हटाए गए हैं। वहीं जो 9 लाख लोगों के नाम कम हुए हैं वो या तो इस दुनिया में नहीं है या शिफ्ट हो गए या मौके पर नहीं पाए गए, ऐसे में नाम कटने का सवाल ही नहीं है। फिर भी यदि कांग्रेस को आपत्ति है तो अभी भी समय कांग्रेस चमत्कार करे और ढूंढ कर इन्हें आयोग के सामने पेश कर दे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने तंज कसा कि एसआईआर के आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस के 9 लाख नाम हटाने के झूठ की पोल पोल खोल दी है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर फैलाए भ्रम पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनसमर्थन खो चुकी है, इसलिए अब वह सच को झूठ और झूठ को सच बनाकर जनता के सामने पेश करने का असफल प्रयास कर रही है। कांग्रेस 9.31 लाख वोटरों के नाम काटे जाने का जो अनर्गल प्रचार कर रही है, जबकि उसकी सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।
​
प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग द्वारा दिए आंकड़ों के आधार कर कहा, प्रक्रिया के दौरान पाया गया कि अधिकांश नाम मृत, स्थान परिवर्तन या डुप्लीकेट श्रेणी के थे। क्योंकि जिन 9.31 लाख लोगों के नाम हटने को काटने का झूठ बताकर पेश किया जा रहा है। उनमें प्रदेश में 1.24 लाख से अधिक मतदाता तो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस से तीखा सवाल करते हुए कहा, “जो लोग अब इस दुनिया में ही नहीं हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे रखा जा सकता है? अगर कांग्रेस के पास उन्हें वापस लाने का कोई चमत्कार है, तो वह देश को बताए।

इसी तरह हटाए नामों में 6,33,573 से अधिक लोग अपने मूल स्थान से अन्य राज्यों जैसे यूपी, बिहार आदि में शिफ्ट हो चुके हैं या दिए गए पते पर नहीं मिले। चूंकि इनमें कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, इनमें से अधिकांश लोगों ने स्वयं को नए स्थानों पर पंजीकृत करा लिया होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कटाक्ष किया कि यदि कांग्रेस को लगता है कि ये मतदाता यहीं मौजूद हैं, तो उसके पास अभी भी समय है वह विशेष कैंपों में या 20 अक्टूबर तक उन्हें सामने लाकर पंजीकृत करा ले।

इसी तरह मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए 61 हजार से अधिक मल्टीपल या डुप्लीकेट नामों को हटाना बेहद अनिवार्य था। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि एक ही व्यक्ति के दो-दो जगह वोट दर्ज रहें और फर्जी मतदान हो? मात्र लगभग 7,713 ऐसे नाम पाए गए जिन्होंने आवश्यक दस्तावेज ही जमा ही नहीं कराए।

उन्होंने कांग्रेस द्वारा फॉर्म-7 के दुरुपयोग को लेकर फैलाए जा रहे अफवाहों पर करारा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि फॉर्म-7 के तहत कुल 96,704 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से गहन जांच के बाद 89,182 आवेदनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। यानि प्रदेश के कुल 71 लाख 58 हजार 949 पंजीकृत मतदाताओं में से फॉर्म-7 के माध्यम से नियमानुसार मात्र 7,522 लोगों के ही नाम हटाए गए हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि उस भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया पर अनर्गल आरोप लगा रही है जिसकी तारीफ अमेरिका सहित पूरी दुनिया करती है। फर्जी वोट बनवाने और जुड़वाने की अपनी पुरानी नीति में नाकाम होने के बाद अब कांग्रेस इस पारदर्शी प्रक्रिया को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षड्यंत्र को भली-भांति समझ चुकी है और उसके बहकावे में नहीं आने वाली है।

Share this post