May 10, 2026

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समता मूलक समाज की कल्पना के नायक थे बाबा साहेब : बंसल

डाॅ0 देव कृष्ण थपलियाल

*समता मूलक समाज की कल्पना के नायक थे बाबा साहेब : बंसल*

*प्राचार्य डॉ0 जीतेन्द्र कुमार नेगी नें कहा संविधान प्रगतिशील और नये विचारों का प्रतिक
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पैठाणी । राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई राठ महाविद्यालय पैठाणी पौड़ी गढ़वाल द्वारा आज 26 नवम्बर को संविधान दिवस का आयोजन किया गया । इस अवसर पर स्वयं सेवी छात्र–छात्राओ द्वारा संविधान के सभी पक्षो पर विस्तार से चर्चा की । मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे बी0एड0 विभाग के डॉ0 उमेश चंद्र बंसल नें कहा की संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0 भीम राव आंबेडकर नें संविधान को समता मूलक बनानें की पूरी कोशिश की लेकिन अभी भी काफी लोगो में ये भ्रम है की उन्होंने एक वर्ग विशेष को लेकर ही काम किया , जबकि सच्चाई ठीक इसके उलट है । बाबा साहेब नें महिलाओं और दबे–कुचले, शोषितों और पिछड़ों के लिये भी समानता की वकालत की ।

सविंधान को पूरी तरह मानवतावादी बनाने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता ।
डॉ0 राम सिंह नेगी नें कहा हमारा संविधान हमारा गौरव है । वह हमारी भावनाओ का प्रतिबिम्ब है । संविधान का अक्षरसः पालन करना व उसका सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है और संविधान निर्माताओ को इससे बड़ी श्रद्धांजलि और कुछ हो नही सकती ?
महाविद्यालय के प्राचार्य नें कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा की सच्चे नागरिक अपनें अपनें राष्ट्र का गौरव हैं। आज आजादी के 75 सालों के बाद भी संविधान अपनें सारे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधे हुए है । देश नें 1950 के बाद अनेक झंझावतें झेलीं है पर राष्ट्र एकता और प्रतिबद्धता के सूत्र में बंधा रहा । यह उन संविधान निर्माताओ की ही देंन है । इसीलिये उनको नमन है । संचालन कर रहे रा0से0यो0 इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 देव कृष्ण थपलियाल नें कहा की उन्नत और प्रगतिशील सविधान की ही बदौलत हम आज तक विकसित देशों की बराबरी करने जा रहे हैं
स्वयं सेवी छात्र कु0 अंजलि नें कहा की हमारे देश का संविधान दूसरे देशों से बिलकुल भिन्न और बहुत मजबूत है ।
संविधान दिवस पहले दीप प्रज्वलन व छात्राओं द्वारा सरस्वती वन्दना की गई।


कार्यक्रम में डॉ0 वीरेंद्र चन्द, डॉ0 राजीव दुबे, डॉ0 राम सिंह नेगी, क्रांति बल्लभ नौटियाल, प्रमिला गोदियाल, तथा विजय सिंह नेगी आदि मौजूद रहे ।