हिमालयी राज्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा-रोधी अवसंरचना मिशन जरूरी : महेन्द्र भट्ट
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद एवं उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने आज राज्यसभा में उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं का गंभीर विषय सदन के समक्ष उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि उत्तराखंड सहित पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए “राष्ट्रीय हिमालयी आपदा-रोधी अवसंरचना मिशन” शुरू किया जाए।
महेन्द्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड समेत हिमालयी राज्यों में बादल फटना, अचानक बाढ़, भूस्खलन और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक घटनाओं की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हिमालयी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था को और अधिक वैज्ञानिक, आधुनिक, तकनीकी एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक एवं पारिस्थितिक संवेदनशीलता को देखते हुए यहां ऐसी अवसंरचना विकसित की जानी चाहिए, जो प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के साथ ही जान-माल और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
भट्ट ने केंद्र सरकार से हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति, आधुनिक पूर्व चेतावनी प्रणाली, आपदा-रोधी निर्माण तकनीक, मजबूत संचार व्यवस्था तथा त्वरित राहत एवं बचाव तंत्र विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन केवल राहत एवं बचाव तक सीमित न रहकर आपदा से पहले तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण और दीर्घकालिक आपदा-रोधी विकास पर केंद्रित होना चाहिए।
