बिहार में नाव गंगा में डूबी, 13 बच्चों की मौत, सुबह फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बिहार में बड़ा हादसा हो गया. गंगा में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई. पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया. रिपोर्ट-अमरेश
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव डूबने से बड़ा हादसा हुआ है. इस दुर्घटना में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि जिलाधिकारी ने की है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. मृत बच्चों के शवों को रात में पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका. गांव वालों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव को गांव में ही रोक लिया. फिलहाल, लापता लोगों की तलाश के लिए सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है. पीएम मोदी ने भी हादसे पर शोक संवेदना जतायी है.
सात बच्चे NMCH में भर्ती, खतरे से बाहर
हादसे में बचाए गए सात बच्चों को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, सभी सातों बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है.
सुबह फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य चलाया गया. रात में कार्रवाई के बाद सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, ताकि नदी में लापता लोगों की तलाश की जा सके. हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं.
हादसे में किनकी मौत?
नाव हादसे के मृतकों में अंकिता कुमारी (पिता राज किशोर राय), अमृता कुमारी (पिता राज किशोर राय), सुनीता कुमारी (पिता राज किशोर राय), पिंकी कुमारी (पिता डोमन राय), आर्यन कुमार (पिता गांधी राय), अनीशा कुमारी (पिता सुरेंद्र राय), मोनू कुमारी (पिता राम प्रवेश राय), सिंकी कुमारी (पिता सुरेश राय), मीरा कुमारी (पिता राम नरेश राय), निशु कुमारी (पिता सतेंद्र राय), मोहन कुमार (पिता अखिलेश राय) सोनम कुमारी (पिता नरेश राय) और नमन कुमार (पिता मुकेश राय) शामिल हैं.
मृतकों में एक ही परिवार की 7 बच्चियां
हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई है. सभी की उम्र 6 से 15 साल के बीच बताई जा रही है. मरने वालों में 7 बच्चियां एक ही परिवार की थीं. सभी बच्चों के शव गांव पहुंच गए हैं. परिजन ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया है.
नाव से कहां जा रहे थे सभी
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने बताया कि रामपुर श्यामचंद के एक टोले के सभी बच्चे नदी के उस पार सिंहेश्वर राय के घर श्राद्ध का भोज खाने के लिए जा रहे थे. इसी बीच नदी में नाव पलट गई और हादसा हुआ.
”सभी दियारा में भोज खाने जा रहे थे, बीच नदी में नाव डूब गई. छोटा और टूटा हुआ नाव था, जिसपर 15-20 लोग सवार थे. सभी मृतक बच्चे गोतिया (एक ही परिवार) के हैं. ग्रामीणों ने मिलकर सभी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सभी को नहीं बचाया जा सका.” – मनीष कुमार, स्थानीय
आखिर क्यों डूबी नाव?
ग्रामीणों ने बताया कि, नाव छोटी और जर्जर थी, जिसपर संख्या से अधिक बच्चे थे, 15 से 20 की संख्या में बच्चों के बैठने के बाद नाव का संतुलन बिगड़ गया होगा और नाव डूब गई होगी.
”राघोपुर के सर्कल ऑफिसर दीपक कुमार को पहले ही नाव की जर्जर हालत के बारे में बताया गया था, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और इसीलिए इतनी बड़ी त्रासदी हुई. हमने ‘खटिया’ और रस्सियों का इस्तेमाल करके सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया.” – रवि कुमार, स्थानीय
जिलाधिकारी ने की मौतों की पुष्टि
जिलाधिकारी ने हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि की है. रात में मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए. घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि ये बच्चे गंगा नदी के उस पर भोज के लिए जा रहे थे तभी नाव का संतुलन बिगड़ा. ये नाव प्राइवेट थी और छोटी थी जिसके कारण नाव हादसे का शिकार हो गई. नाव में बैठे कई लोगों में 13 बच्चों की डेडबॉडी बरामद कर ली गई. 7 को स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू भी किया गया.
“प्राइवेट नाव से ये सभी भोज खाने जा रहे थे. तभी नाव पलट गई है. 7 को रेस्क्यू किया जा चुका है. जो मृतक हैं वह 15 साल तक के बच्चे हैं. एसडीआरएफ की टीम और लोकल गोताखोरों को इसमें लगाया गया है. अभी तक कुल 13 डेड बॉडी रिकवर हुई है. 7 लोगों को रेस्क्यू कर NMCH भेजा गया है. सबकी हालत स्टेबल है.”– वर्षा सिंह, डीएम, वैशाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने भी इस हादसे को लेकर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए सांत्वना दी. पीएम ने कहा कि इस मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. मैं सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है.
सीएम ने की अनुग्रह राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी घटना की जानकारी ली और हादसे पर दुख जताया. उन्होंने मृतकों को परिजनों को ढांढस बंधाते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी. साथ ही राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश प्रशासन को दिए. उन्होंने प्रशासन को ये भी निर्देश दिया कि घायलों का बेहतर इलाज भी हो सके.
“वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में मासूमों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें एवं परिजनों को यह भारी दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. मृतकों के परिजनों को ₹ 4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने और राहत-बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी प्रशासन को दिए गए हैं.”- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
हादसे पर तेजस्वी यादव ने भी जताया दुख
राघोपुर के विधायक और विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी घटना पर दुख जताया है. उन्हें जैसे ही ये खबर मिली उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी.
