October 17, 2026

Hind Savera News Portal

Just another WordPress site

यूटीयू की परीक्षा प्रणाली में होगा बड़ा बदलाव, अब दिल्ली विश्वविद्यालय और गढ़वाल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रश्नपत्र

पेपर लीक पर अंकुश लगाने और परीक्षा की गोपनीयता बढ़ाने की तैयारी, परीक्षा केंद्रों तक आधे घंटे पहले पहुंचेंगे प्रश्नपत्र
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों के शिक्षकों के स्थान पर दिल्ली विश्वविद्यालय और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के विषय विशेषज्ञों की मदद से प्रश्नपत्र तैयार कराने की योजना बनाई गई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत विषय विशेषज्ञों की सहायता से प्रश्नों का एक विस्तृत बैंक तैयार किया जाएगा। इसके बाद तकनीकी माध्यमों से प्रश्नों का चयन कर गोपनीय तरीके से प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करना, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं की आशंका को कम करना है।
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर विशेष जोर
प्रस्ताव के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने की नई व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर बैठक हो चुकी है। योजना को लेकर दूसरी बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद नई व्यवस्था लागू करने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर के अनुसार, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण विकल्प पर काम कर रहा है। इसके तहत परीक्षा शुरू होने से केवल आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की योजना है। इससे प्रश्नपत्रों को लंबे समय तक पहले से सुरक्षित रखने की आवश्यकता कम होगी और उनकी गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षित होगी परीक्षा प्रणाली
बदलते समय में तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर परीक्षा प्रणाली को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी सुधार होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि बीते जुलाई में विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी संस्थान में पेपर लीक का मामला सामने आया था। इसके बाद परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई। अब विश्वविद्यालय स्तर पर प्रस्तावित बदलावों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, प्रश्नपत्र तैयार करने की नई व्यवस्था और इसे लागू करने की समयसीमा को लेकर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

Share this post