सिंचाई विभाग में छह माह बाद भी अधिशासी अभियंताओं को नहीं मिली तैनाती
सिंचाई विभाग में सहायक अभियंताओं को प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाने से बढ़ी नाराजगी, पदोन्नत अधिकारियों में असंतोष
देहरादून। सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंताओं की तैनाती को लेकर विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शासन की ओर से पदोन्नति के करीब छह माह बाद भी कई सहायक अभियंताओं को अधिशासी अभियंता के पद पर तैनाती नहीं मिल पाई है। वहीं, दूसरी ओर कनिष्ठ स्तर के सहायक अभियंताओं को प्रभारी अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी दिए जाने से विभाग में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार शासन ने 18 फरवरी को 14 सहायक अभियंताओं को अधिशासी अभियंता के पद पर पदोन्नति दी थी। इनमें से कुछ अधिकारियों को पदोन्नति के बाद भी छह माह से तैनाती का इंतजार है। जबकि विभाग में कई सहायक अभियंताओं को महत्वपूर्ण सिंचाई खंडों की जिम्मेदारी प्रभारी अधिशासी अभियंता के रूप में सौंपी गई है।
प्रभारी जिम्मेदारी को लेकर उठ रहे सवाल
विभाग में आरडी भट्ट को प्रभारी अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड लोहाघाट, सहायक अभियंता प्रवीण सिंह डुंगरियाल को सिंचाई खंड केदारनाथ तथा सहायक अभियंता रामस्वरूप बड़ोनी को सिंचाई खंड पुरोला का प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाया गया है।
पदोन्नति के बाद भी अधिशासी अभियंताओं को तैनाती नहीं मिलने और दूसरी ओर सहायक अभियंताओं को प्रभारी अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब अधिशासी अभियंता के पद पर पदोन्नति हो चुकी है तो पदोन्नत अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी के अनुरूप तैनाती दिया जाना स्वाभाविक है।
मामले में सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष पांडे के अनुसार सहायक अभियंताओं को प्रभारी अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी शासन के आदेश के आधार पर दी गई है। अधिशासी अभियंताओं की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से आदेश प्राप्त होने के बाद पदोन्नत अधिकारियों को अधिशासी अभियंता के पद पर तैनाती दी जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि पदोन्नति के छह माह बाद भी तैनाती की प्रतीक्षा कर रहे अधिशासी अभियंताओं को शासन कब जिम्मेदारी सौंपता है।
