September 12, 2026

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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में गूंजे राष्ट्र निर्माण के पांच संकल्प, रमेश रमोला ने रखे महत्वपूर्ण प्रस्ताव

भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक में उत्तराखंड के विकास को लेकर पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव

रमेश रमोला ने आधुनिक गुरुकुल, किफायती कोचिंग और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव समेत रखे महत्वपूर्ण सुझाव

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 9 सितंबर 2026 को आयोजित हुई। बैठक का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के संदेश के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन एवं सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया गया।


राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें उत्तराखंड को 21वीं सदी के तीसरे दशक का राज्य बनाने की बात कही गई है। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कार्यकर्ताओं से राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर सुझाव और प्रस्ताव भी आमंत्रित किए गए।


इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ के संयोजक श्री रमेश रमोला ने पार्टी के समक्ष जनहित एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
1. प्रत्येक राज्य में आधुनिक गुरुकुल की स्थापना
रमेश रमोला ने प्रस्ताव रखा कि देश के प्रत्येक राज्य में आधुनिक गुरुकुलों की स्थापना की जाए, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण एवं देशभक्ति की शिक्षा दी जा सके। इससे राष्ट्र को चरित्रवान और संस्कारित युवा मिल सकेंगे।


2. प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए किफायती कोचिंग संस्थान
उन्होंने सुझाव दिया कि भारत के प्रत्येक जनपद में उभरती प्रतिभाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान छात्रों के लिए किफायती कोचिंग संस्थान स्थापित किए जाएं, ताकि योग्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगे निजी संस्थानों पर निर्भर न रहना पड़े।
3. ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
पर्यावरण संरक्षण को लेकर उन्होंने प्रत्येक नागरिक को ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के लिए प्रेरित करने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि व्यापक स्तर पर पौधरोपण से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।


4. शिक्षा व्यवस्था में भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता
रमोला ने प्रस्ताव रखा कि अंग्रेजों द्वारा स्थापित शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए शिक्षा प्रणाली में भारतीय संस्कृति, परंपरा, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रबोध को अधिक महत्व दिया जाए। उन्होंने शिक्षा को रोजगार के साथ-साथ चरित्र निर्माण का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
5. विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में ईमानदार एवं जिम्मेदार नागरिकों की भागीदारी
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों महत्वपूर्ण स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका—में सत्यनिष्ठ, ईमानदार, जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ और उत्साही नागरिकों की भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

रमेश रमोला ने कहा कि इन प्रस्तावों का उद्देश्य केवल राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत करना नहीं, बल्कि चरित्रवान युवा, बेहतर शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और मजबूत राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस पहल करना है। कार्यसमिति में रखे गए इन सुझावों को उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।