किसी को अपने कष्टों का कारण मानना भ्रम : डाॅ. सुशील कोटनाला
जब तक संस्कारों की अग्नि शांत नहीं होती, तब तक जीवन में सुख दुःख का क्रम चलता रहता है। इसलिये किसी अन्य को अपने कष्टों का कारण मानना भ्रम है।परखो तो कोई अपना नहीं समझो तो कोई पराया नहीं हर किसी की क्षमता और कमज़ोरियाँ अलग अलग होती है इसीलिये ना किसी से अपनी तुलना करें और ना किसी के जैसा बनने की कोशिश करें
जैसे घड़ी कितनी भी “मूल्यवान” हो किंतु…..समय को वश में नहीं कर सकती है….वैसे ही मनुष्य कितना भी बलवान हो….नियति” को वश में नहीं कर सकता है..!!जीवन में सबसे अच्छी बात जो सीखनी चाहिए, वह है समझौता करने की आदत। क्योंकि थोड़ा-सा झुक जाना, एक सुंदर रिश्ते को टूटने देने से हमेशा बेहतर होता हैl
सुप्रभात जी l
आज आपका दिन अत्यंत शुभ, सुखद, समृद्ध और मंगलमय हो l
