October 14, 2026

Hind Savera News Portal

Just another WordPress site

अंकिता प्रकरण मे धामी सरकार ने उठाये हर स्तर पर कदम: भट्ट

परिजनों की मांग पर बदले गए सरकारी अधिवक्ता, सीबीआई जांच की प्रक्रिया भी बढ़ी आगे

देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के हर स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी से लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन, अभियोजन की व्यवस्था और परिवार की मांगों पर निर्णय लेने तक सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण को गंभीरता से लिया।

कांग्रेस के आरोपों को दुर्भावना और राजनैतिक द्वेष से परिपूर्ण बताते हुए भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरुआत से ही स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रकरण की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले की पैरवी की। आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। यह फैसला न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया।

सरकार की ओर से इस मामले में कानून के अनुरूप कार्रवाई और अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। प्रकरण में जमानत संबंधी न्यायिक आदेशों ने भी अपनी भूमिका निभाई।

भट्ट ने कहा कि मामले मे सरकार ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पीड़ित परिवार की भावनाओं और मांगों को भी महत्व दिया। परिजनों की मांग के अनुरूप सरकारी अधिवक्ताओं में बदलाव किए गए, ताकि वे अपनी बात और अपेक्षाएं न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष रख सकें। इसके साथ ही अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर निर्णय लेते हुए सीबीआई जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

सरकार का यह रुख दर्शाता है कि संवेदनशील मामलों में केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का विश्वास बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। परिवार की आशंकाओं और मांगों को सुनना तथा कानून के दायरे में उन पर निर्णय लेना शासन की जवाबदेही का हिस्सा है।

परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार के लिए अंकिता के निधन के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त परिवार के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के कदम भी उठाए गए। सरकार ने इन निर्णयों के माध्यम से यह संदेश दिया कि किसी गंभीर अपराध से प्रभावित परिवार को न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ जीवन की कठिनाइयों से उबरने में भी सहयोग मिलना चाहिए।

भट्ट ने कहा कि इस प्रकरण ने महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, अभियोजन, न्यायालय और शासन की अपनी-अपनी निर्धारित भूमिकाएं होती हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि जांच एजेंसियों को कानून के अनुरूप कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए, अभियोजन की व्यवस्था प्रभावी रहे और पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई, जांच, परिवार की मांगों पर विचार और आर्थिक सहायता जैसे कदम उठाए। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा और प्रत्येक मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का विषय केवल एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, संवेदनशील शासन और कानून के प्रति विश्वास से भी जुड़ा है। इस प्रकरण में सरकार द्वारा उठाए गए कदम उसकी प्रशासनिक जवाबदेही और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता को सामने रखते हैं।

Share this post