September 17, 2026

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‘धीमे जहर’ पर बड़ा प्रहार: धर्मनगरी में मिलावटखोरों पर शिकंजा, 400 सैंपल की जांच, 71 मुकदमे और 5.65 लाख का लगाया जुर्माना

हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की छापेमारी में अनियमितताएं मिलने पर सख्त एक्शन लिया है. साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की है

हरिद्वार: खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी किस कदर हावी है, इस बात का अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है. केवल हरिद्वार जिले में पिछले करीब पांच माह में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के करीब 400 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं. इनमें 246 लीगल और 146 सर्विलांस सैंपल शामिल हैं. सैंपलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम और एडीएम कोर्ट में 71 वाद दायर किए जा चुके हैं. इनमें से 11 मामलों में साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है. कोर्ट ने टीम मामलों में छह महीने से सजा का आदेश भी दिया है. विभाग की कार्रवाई केवल सैंपल लेने तक सीमित नहीं है.

खाद्य पदार्थों की जांच में मिलावटखोरी: निरीक्षण के दौरान खराब और मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट भी कराया गया है. इनमें बड़ी मात्रा में पनीर, दूध और मावा जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं. श्यामपुर क्षेत्र में तो भी जुलाई के महीने में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान करीब 50 किलोग्राम पनीर को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया था. विभाग ने पनीर और निर्माण में इस्तेमाल दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे. इससे पहले फरवरी में सराय क्षेत्र में एक गोदाम से करीब पांच कुंतल पनीर बरामद कर उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे. वहीं भूपतवाला और दूधाधारी चौक क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान खराब पाया गया करीब डेढ़ किलोग्राम पनीर भी नष्ट कराया गया था. इतनी कार्रवाई के बावजूद भी मिलावटखोर बाज नहीं आ रहे हैं.

दुग्ध पदार्थ और मिर्च मसालों पर विशेष फोकस: अधिकारियों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा विभाग का फोकस दूध से बने खाद्य पदार्थों के साथ ही मिर्च मसालों पर भी है. त्योहारी सीजन में पनीर, मावा, दूध, मक्खन, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में इनकी गुणवत्ता की जांच के लिए लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं. हरिद्वार शहर के साथ ही लक्सर, रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीमें निरीक्षण कर रही हैं. कुल मिलाकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलावट खोरी पर कार्रवाई की गई है.

सीमित संसाधन के बावजूद कार्रवाई जारी: खाद्य सुरक्षा विभाग की पांच टीमें फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. अधिकारियों का कहना है कि जिले का क्षेत्रफल बड़ा होने और संसाधन सीमित होने के बावजूद बाजारों, डेयरियों, मिठाई की दुकानों, होटल ढाबों और खाद्य पदार्थ बनाने वाले प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. अगस्त में भी विभाग की टीमों ने पनीर और मिठाई की दुकानों और डेयरियों में कार्रवाई की थी. एक कार्रवाई में गंदे कनस्तरों में बड़ी मात्रा में रसगुल्ले, स्टार्च पाउडर और मिल्क केक रखे मिले थे. जिसके बाद नोटिस देने की कार्रवाई की गई थी.

नामी प्रतिष्ठानों में भी मिली खामियां: खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़े और नामी प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में आए हैं. हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में पिज्जा और बर्गर तैयार करने वाले कुछ रेस्टोरेंट में भी खामियां मिली हैं. इनमें खाद्य लाइसेंस से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं और मीट उत्पादों की बिक्री को लेकर भी कार्रवाई की गई. इसके अलावा बड़े शॉपिंग मॉल में भी टीम लगातार सक्रिय रहती है.

कई बार गंदगी और एक्सपायरी सामान मिलने पर बड़े प्रतिष्ठानों को नोटिस थमाया गया. अभी हाल ही में एक नामी कम्पनी के घी के सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं. उसमें लाइसेंस और घी के डिब्बे पर दर्शाए गए मानकों में अनियमितता पाई गई. ब्रांडिंग के लिए एक फिल्म एक्ट्रेस की फोटो भी उस घी के डिब्बे पर पाई गई. विभाग ने संबंधित निर्माण कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. नोटिस का जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी दी है. कुल मिलाकर अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठान को उसकी पहचान या नाम के आधार पर जांच से बाहर नहीं रखा जा रहा है. एकसमान खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है.

कांवड़ यात्रा से लेकर सितंबर तक खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने सघन चेकिंग अभियान चलाया. हजारों दुकानों और प्रतिष्ठानों पर जाकर खाद्य पदार्थों की जांच की गई. 400 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं. इनमें 246 लीगल सैंपल और 146 सर्विलांस सैंपल भी शामिल हैं. लैब रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम और एडीएम कोर्ट में 71 वाद दायर किए गए. एडीएम कोर्ट में 11 मामलों का निस्तारण किया गया और इन मामलों में कुल मिलाकर 5 लाख 65 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है.
-एमएन जोशी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी-

एमएन जोशी ने आगे कहा कि इसके अलावा तीन मामलों में एडीएम कोर्ट से छह माह की सजा और करीब एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की पांच टीमें फील्ड में उतारी गई हैं, जो लगातार खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कर रही हैं. मुख्य रूप से दूध से बने खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, मावा, मक्खन और घी तथा मिर्च मसालों पर विशेष फोकस रहता है. क्योंकि इन्हीं पदार्थों में मिलावट की संभावना ज्यादा रहती है. आगामी त्योहारी सीजन को लेकर लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा.