डोईवाला से भाजपा टिकट की दौड़ में धीरेन्द्र सिंह पंवार का नाम चर्चा में
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर डोईवाला विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इन चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पूर्व ओएसडी रहे धीरेन्द्र सिंह पंवार का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।

धीरेन्द्र सिंह पंवार लंबे समय से भाजपा संगठन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ क्षेत्र में उनकी सक्रियता को उनके समर्थक उनकी बड़ी ताकत मानते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ निकटता से काम करने के कारण उन्हें सरकार और संगठन दोनों का अनुभव प्राप्त है।
प्रत्याशी चाहे जो भी हो और जितने भी हों लेकिन उन सभी में धीरेन्द्र सिंह पंवार ही सबसे ताकतवर दिखाई पड़ते हैं।
पंवार की पावर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के 4 वर्षों के कार्यकाल में वे ना सिर्फ मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी रहे बल्कि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान वे उनके दाहिने हाथ की तरह नजर आये,बावजूद इन सबके आज वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन पर अपना विश्वास जताकर मीडिया सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष, राज्यमंत्री के औहदे से नवाजा है।

पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सरकार में उन्होंने प्रदेशभर के आम लोगों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के काम को मुख्यमंत्री की टेबल पर जाने से पहले ही करवाकर आम जनता और सैकड़ो कार्यकर्ताओं के दिलों में खास जगह बनाई,यही कारण है कि आज भी प्रदेशभर के लोग और कार्यकर्ता उनको और उनके द्वारा करवाये गये अनगिनत कामों को अक्सर याद करते हैं।
डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के कई नेता टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं,लेकिन उन सभी में पंवार ही सबसे भारी नजर आते हैं हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।

भाजपा नेतृत्व स्थानीय समीकरणों, संगठनात्मक फीडबैक और जीत की संभावनाओं के आधार पर अंतिम निर्णय लेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी नए चेहरे या संगठन से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ता को अवसर देने का निर्णय लेती है, तो धीरेन्द्र सिंह पंवार का नाम मजबूत दावेदारों में शामिल हो सकता है। फिलहाल, डोईवाला सीट पर भाजपा उम्मीदवार पंवार को लेकर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जारी हैं और एक अलग प्रकार का उत्साह का माहौल भी है।
