राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों और उप राज्यपालों के दो दिन के सम्मेलन को संबोधित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद [फोटो राष्ट्रपति ट्विट]
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि देश के समावेशी विकास के लिए आदिवासी समुदाय का सशक्तिकरण जरूरी है और सभी राज्यों के राज्यपालों को इनके जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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कोविंद ने यहां राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों और उप राज्यपालों के दो दिन के सम्मेलन में अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि संवैधानिक प्रणाली में राज्यपालों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के समावेशी विकास के लिए आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण और विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भी यह जरूरी है।

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राज्यपाल अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आदिवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए दिशा निर्देश दे सकते हैं क्योंकि यह समुदाय विकास के मामले में पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सहकारी संघवाद और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी संघवाद पर चर्चा के मद्देनजर राज्यपाल की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। सभी राज्यपालों को सार्वजनिक जीवन का पर्याप्त अनुभव है और देश के लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए। अंततोगत्वा , हम सब जनता के लिए काम करते हैं और उन्हीं के प्रति जवाबदेह हैं।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यपाल की भूमिका संविधान की रक्षा और संरक्षण तक ही सीमित नहीं है बल्कि अपने राज्य के लोगों की सेवा और निरंतर कल्याण उनकी संवैधानिक प्रतिबद्धता भी है।

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