प्रेस वार्ता को संबोधित करते आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद मामले में 40 दिन चली सुनवाई के बाद आज शनिवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनेगा। जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ की अलग से जमीन दी जाए, जिस पर वो मस्जिद बना सकें।

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राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से सुनाया।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से देश की जनभावना और आस्था को न्याय देने वाले फैसले का संघ स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि इस लंबी प्रक्रिया में राम जन्मभूमि से संबंधित सभी पक्षों को धैर्य से सुना गया है। सभी पक्षों के वकीलों का हम अभिनंदन करते हैं और बलिदानियों को प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि सरकार और आम लोगों की ओर से किए गए प्रयासों का अभिनंदन करते हैं। जय और पराजय की दृष्टि से इस फैसले को नहीं देखना चाहिए।

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