ग्लोबल टेररिस्ट हाफिज सईद [फाइल फोटो]
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दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवादी बगदादी मारा जा चुका है। बगदादी इस्लामिक स्टेट यानी आईएस का प्रमुख था। आईएस ने दुनिया भर में आंतक का जो माहौल बना रखा है, उसके बरक्स बगदादी का मारा जाना शुभ संकेत है। बगदादी के मारे जाने के बाद अगला नम्बर पाकिस्तान में बैठे दुर्दांत आंतकी हाफिज सईद का होना चाहिए। हाफिज सईद भारत का बड़ा गुनाहगार है। भारत में आंतक की कई बड़ी घटनाओं के अलावा आंतकी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता जगजाहिर है। भारत के विरोध के चलते पाकिस्तान को हाफिज सईद का जेल में डालने के लिए मजबूर होना पड़ा। हाफिज का नाम ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में शामिल है।

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कभी आतंकवादी हमले, कभी पैसे की हेराफेरी और कभी बड़े पैमाने पर हो रहे दूसरे बड़े अपराध हर विकसित होते देश की प्रगति की र फ्तार में बाधा डालते रहते हैं। उस देश की सरकार इनसे जूझने के लिए इन अपराधों को संगठित क्राइम में बदल कर, बद से बदतर हालात पैदा करने वाले अपराधियों को दंडित करने के लिए, कब्जे में लेने का प्रयास करती रहती है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। यहां आतंक और तस्करी दो बड़े अपराध हैं जो हाथों में हाथ डाले आगे बढ़ रहे हैं। अपनी जहर उगलती स्पीच के कारण चर्चा में सबसे ज्यादा जमात-उत-दावा प्रमुख हाफिज सईद रहता है।

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आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और जमात उद दावा का संस्थापक हाफिज सईद देश का दूसरे नंबर मोस्टवांटेड शख्स है। भारत के सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल हाफिज पर मुंबई के 26/11 हमले में शामिल होने का आरोप है जिसमें छह अमेरिकी नागरिक समेत 166 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 2001 में संसद पर हुए हमले में भी उसकी भूमिका है। इन दिनों वह पाकिस्तान के लाहौर में रह रहा है। 26/11 हमले के बाद से ही भारत, पाकिस्तान से उसे सौंपने को कह रहा है। अमेरिकी सरकार की ‘रिवाडर्स फॉर जस्टिस’ प्रोग्राम की वेबसाइट में भी हाफिज सईद को प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख और चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक बताया गया है।

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अमेरिका की दुनिया में आंतकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों की सूची में भी हाफिज का नाम है। 2012 से अमेरिका ने उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। सईद अरबी और इंजीनियरिंग का पूर्व प्राध्यापक रहा है। उसका मकसद भारत के कुछ हिस्सों और पाकिस्तान में इस्लामी शासन स्थापित करना है। मुंबई आतंकी हमलों में उसकी भूमिका को लेकर भारत ने सईद के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है। अमेरिका ने भी उसे विशेष निगरानी सूची में रखा है।

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हाफिज इतना शातिर है कि वो पिछले काफी समय से खुद को शरीफ बताने की जुगत में लगा है। भारत में जमात-उद-दावा के इस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी हाफिज ने वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र में अर्जी लगाई थी कि उसे आतंकवादी न कहा जाए और उसका नाम आतंकियों की लिस्ट से हटा दिया जाए। इसके लिए उसने यूनाइटेड नेशन्स में बाकायदा अर्जी दायर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाफिज की तरफ से ये अर्जी लाहौर की एक लॉ फर्म मिर्जा एंड मिर्जा ने यूएन में दायर की थी। ये अर्जी तभी दायर कर दी गई थी, जब हाफिज सईद लाहौर में मौजूद अपने ही घर में नजरबंद था।

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भारत ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान तक में पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है। अफगानिस्तान में अमरीका के जो सैनिक आतंकियों से लड़ रहे हैं, उन्हीं आतंकियों को पाकिस्तान से मदद मिलती है। भारत के कश्मीर में तो पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकी आए दिन हिंसक वारदातें करते हैं। भारत और पाकिस्तान की तुलना तो हो ही नहीं सकती। आज पूरी दुनिया में भारत का सम्मान हो रहा है, जबकि पाकिस्तान कटोरा लेकर खड़ा है। पाकिस्तान की पहचान एक आतंकी देश के तौर पर बन गई है। यदि अब भी अमरीका पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा, तो भविष्य में उसे ही भारी नुकसान होगा। पाकिस्तान में बैठे आतंकी आज भी अमरीका को अपना दुश्मन नम्बर वन समझते हैं।

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