प्रकाश पांडे की मौत से आहत उक्रांद कार्यकर्ताओं ने फूका मुख्यमंत्री का पुतला

Published by: 0

IMG-20170916-WA0202

उत्तराखंड क्रांति दल की महानगर इकाई में दिवंगत प्रकाश पांडे प्रकरण पर सरकार की लापरवाही व और असंवेदनशीलता के विरोध में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत गांधी रोड स्थित द्रोण चौराहे पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला दहन किया। इस मौके पर उत्तराखंड क्रांति दल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जन विरोधी नीतियों की वजह से अभी तक प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे थे लेकिन अब व्यापारी वर्ग भी आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया है।दल ने चिंता जाहिर की कि अगर राष्ट्रीय दलों को प्रदेश से उखाड़ा ना गया तो आने वाला समय बेरोजगार युवाओं तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए संकट भरा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले बीजेपी कार्यालय में नोटबंदी व जीएसटी की व्यापार विरोधी खामियों के कारण जहर खाने वाले प्रकाश पांडेय की मृत्यु हो गई । एक और जिंदगी केंद्र एवं राज्य सरकार की गलत नीतिओं की भेंट चढ़ गयी ।आखिर प्रकाश पांडे अपनी जंग हार गये!लेकिन ये हार प्रकाश की नही है,ये हार उन मजबूर लोगो की है जो नोटबंदी और जी एस टी के कारण अपने जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रहे है। उत्तराखंड क्रांति दल दिवंगत प्रकाश पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और भगवान से प्रार्थना करता है कि उनके आश्रित व उनके परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दे। साथ ही उत्तराखंड क्रांति दल मांग करता है कि पीड़ित परिवार के मुखिया को सरकारी नौकरी व परिवार के भरण पोषण हेतु 5000000 रुपए प्रदान किए जाएं। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड क्रांति दल पूर्व से ही भाजपा कार्यालय में जनता दरबार लगाने का विरोधी रहा है क्योंकि दल को अंदेशा था कि भारतीय जनता पार्टी अपनी सस्ती और घटिया राजनीति चमकाकर जनता की वाहवाही तो लूटना चाहते हैं मगर जन समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। श्री प्रकाश पांडे कई महीनों से जनता दरबार में चक्कर लगा रहे थे लेकिन भाजपा के मंत्री जनता दरबार में बैठकर केवल औपचारिकता पूरी कर रहे थे। राजनीति का सबसे घिनौना रूप शायद ही किसी प्रदेश में देखा होगा कि जहर खाकर आत्महत्या करने वाले की पीड़ा को समझने के बजाए दोनों ही राष्ट्रीय दल उसके कांग्रेसी होने या गैर कांग्रेसी होने पर बहस करते दिखाई दिए। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि प्रकाश पांडे के जहर खाने की जानकारी होने के बाद भी भाजपा कार्यालय में मौजूद भाजपा नेताओं ने मामले के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई तथा प्रकाश पांडे को काफी समय तक अकेले ही बाहर बिठाए रखा। साथ ही प्रदेश सरकार के चिकित्सा व्यवस्था के दावों की कलई इस बात से खुल जाती है कि शहर के बीचोबीच जहर खाए हुए व्यक्ति को प्रदेश के सबसे बड़े राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया तथा उसके बाद देहरादून के सुपर स्पेशलिटी मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया किंतु दोनों ही अस्पताल प्रकाश पांडे का जीवन नहीं बचा पाए।यह जांच का विषय है कि श्री सुबोध उनियाल द्वारा जनता दरबार ने दिवंगत श्री प्रकाश पांडे से ऐसी कौनसी कष्टप्रद बातें कही जिसकी वजह से प्रकाश पांडे को आत्महत्या का सहारा लेना पड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल चाहता है कि जनता के सामने यह बात आनी चाहिए की 3 दिन तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते प्रकाश पांडे के मृत्यु से पूर्व मजिस्ट्रेट बयान लिए गए अथवा नहीं। साथ ही उत्तराखंड क्रांति दल मांग करता है कि घटनास्थल भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय होने के कारण भाजपा को प्रकाश पांडे की मौत की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा जनता दरबार मैं जनसमस्याएं सुन रहे सुबोध उनियाल को तत्काल बर्खास्त करके उनके तथा प्रदेश सरकार के विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुतला दहन करने वालों में महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के साथ संरक्षक बीडी रतूड़ी, सुनील ध्यानी ,शांति प्रसाद भट्ट ,बहादुर सिंह रावत, देवेंद्र चमोली, प्रमिला रावत ,दीपक कौशिक, समीर मुखर्जी ,अनिल डोभाल, गौरव उनियाल, विजय क्षेत्री, ललित घिल्डियाल, ललित कुमार, सचिन कुमार, सुरेंद्र बुटोला , त्रेहांश विमल रौतेला, शराफत अली ,इफ्तिखार सागर, वीरेंद्र बिष्ट ,सुरेंद्र रावत, दुर्गा बमराडा, धर्मेंद्र कठैत, लताफत हुसैन, मानवेंद्र रांगढ,आलम नेगी, सुशील मंमगाई, राजेंद्र सिंह रावत, मंसूर अली ,तरुण कुमार, उत्तम रावत ,अर्जुन रावत , मिथिलेश चौहान ,जाहिद खान, प्रताप कुंवर आदि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *