गैरसैंण राजधानी को लेकर उक्रांद का सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना

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2017-12-18-16-56-02-1207522693

गैरसैंण को देवभूमि उत्तराखंड की स्थाई राजधानी घोषित करने के लिए राज्य के एकमात्र क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने राज्य के हर जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरने का आयोजन किया।
अस्थाई राजधानी देहरादून में दल की महानगर इकाई के नेतृत्व में घंटाघर स्थित पर्वतीय गाँधी स्व0इन्द्रमणि बडोनी की प्रतिमा के नीचे धरना देकर राज्य के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड राज्य को बनाने के लिए जो संघर्ष हुआ। वह किसी से छुपा नहीं है। उत्तराखंड के जनमानस ने राज्य के निर्माण आंदोलन में जो खोया है ,वह किसी भी अन्य प्रदेश वासियों ने नहीं खोया है।तमाम शहादतों के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य के वासियों ने अपने स्वाभिमान को भी दांव पर लगाया था।उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्य निर्माण आंदोलन राज्य की भौगोलिक आधार पर अविकसित क्षेत्र के विकास की कल्पना के साथ राज्य की राजधानी चंद्रनगर गैरसैंण बनाने का संकल्प 1992 में पारित किया गया था। गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए उत्तराखंड के कई मशहूर वैज्ञानिको, बुद्धिजीवियों ने व्यापक अध्ययनो और अनुसंधानों के उपरांत राजधानी गैरसैंण को उपयुक्त पाया और जन भावनाओ को संकलित किया गया था। उत्तराखंड क्रांति दल ने उत्तराखंड राज्य बनाने के साथ-साथ राज्य की राजधानी गैरसैंण बनाने का संकल्प जन मंथन और राज्य में संपूर्ण जनता से परिचर्चा कर लिया गया निर्णय है।जिसमें संपूर्ण राज्य की जनता ने भागीदारी की। उत्तराखंड की जनता के लिए गैरसैंण एक स्थान नहीं बल्कि राज्य बनाने की जो अवधारणा थी उस का प्रतीक भी है।राज्य का समुचित विकास तब तक संभव नहीं है जब तक राज्य की राजधानी गैरसैंण में स्थापित ना हो।वर्तमान में राज्य का जनमानस राज्य की राजधानी गैरसैंण में बनाने को संघर्षरत है। अतः आपसे निवेदन है कि राज्य की जनता ने राज्य को बनाने और राजधानी गैरसैंण स्थापित मे कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है और कई महिलाओं ने अपना बलिदान तो दिया ही है साथ में अपने स्वाभिमान को भी दांव पर लगाया है। आंदोलन में कई घरों को बर्बाद होना पड़ा है। अब उत्तराखंड की जनता पुनः संघर्ष करने के लिए तैयार है। उत्तराखंड क्रांति दल आप से यह मांग करता है कि वर्तमान में जनता की भावनाओं के अनुरूप तत्काल राज्य की राजधानी गैरसैंण बनाने की घोषणा की जाए। धरने में महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के साथ जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह रांगढ़, लताफत हुसैन, सुनील ध्यानी,जय प्रकाश उपाध्याय, बिलास गौड, धर्मेंद्र कठैत, वाहिद खान ,गौरव उनियाल ,गौरव निखुरपा, कैलाश राणा,गौरव उनियाल ,वीरेंद्र बिष्ट, ललित घिल्डियाल, विजय क्षेत्री, सचिन क्षेत्री, ललित कुमार, रुबी खान ,लक्ष्मी, ममता देवी, लीला देवी, गीता ,बेगम आदि शामिल थे।

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