कैमब्रियन हाॅल स्कूल के बाहर यूकेडी का अभिभावकों संग धरना

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उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने कैंब्रियन हॉल स्कूल द्वारा 9 छात्रों को भेदभावपूर्ण तरीके से जबरन अयोग्य घोषित करते हुए स्कूल से निकाले जाने के प्रकरण में कैंब्रियन हॉल स्कूल के मुख्य द्वार पर जोरदार नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया।उल्लेखनीय है कि दिनांक 14 अक्टूबर को यूकेडी के महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री नें जिलाधिकारी आवास में जिलाधिकारी से मुलाकात करके कैंब्रियन हॉल स्कूल प्रशासन द्वारा 9 छात्रों को भेद भाव पूर्ण व द्वेष भावना के तहत 12 वीं कक्षा के इम्तिहान में अयोग्य करार देते हुए स्कूल से निकाल दिया गया था। जिलाधिकारी महोदय ने तत्काल मुख्य शिक्षा अधिकारी को उक्त मामले की जांच करने हेतु जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया था। लगभग 15 दिन बीतने के पश्चात भी कोई सकारात्मक कार्रवाई ना होते देख दिनांक 29 अक्टूबर 2017 को छात्रों के अभिभावकों ने उक्रांद नेताओं के साथ एक दिवसीय सांकेतिक धरना देते हुए सकारात्मक कार्यवाही ना होने की दशा में पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलने का एलान किया था। 29 तारीख को कैंब्रियन हॉल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री एस सी ब्याला ने धरने पर बैठे अभिभावको व उक्रांद नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया तथा सकारात्मक बातचीत करते हुए शीघ्र ही स्कूल में छात्रों को दोबारा प्रवेश देने का वायदा किया।किंतु अगले दिन बच्चों के स्कूल में पहुंचने पर प्रधानाचार्य ने छात्रों को यह कहते हुए वापस कर दिया कि अभी बोर्ड से आप लोगों को प्रवेश देने की अनुमति नहीं मिली है।आज प्रधानाचार्य की वादाखिलाफी से नाराज उत्तेजित अभिभावक यूकेडी के युवा केंद्रीय महामंत्री सुशील कुमार व उक्रांद नेत्री श्रीमती अनीता शास्त्री के नेतृत्व में प्रातः 11:00 बजे कैंब्रियन हॉल स्कूल के मुख्य द्वार पर पहुंचे तथा जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।अभिभावको तथा उक्रांद नेताओं का कहना था कि न्याय मिलने तक धरने को चलाया जाएगा।कल से अभिभावक प्रतिदिन मुख्य द्वार पर धरना देंगे।महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री में धरने को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा अभिभावको से पूर्व में ही कार्यवाही न करने संबंधित शपथ पत्र लेकर अभिभावकों के हाथ काटने का प्रयास किया गया। जिससे साबित होता है कि पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर स्कूल प्रशासन द्वारा कुछ चुनिंदा छात्रों पर यह कार्यवाही की गई है। निकाले गए सभी छात्र डे स्कॉलर है।स्कूलों को मोदी फीस भरने वाले हॉस्टल के छात्रों व उन से लगभग 8 गुना कम फीस देने वाले डे स्कॉलर छात्रों में स्कूल प्रशासन द्वारा भेदभाव किया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा बाजारीकरण दुर्भाग्यपूर्ण है। दल के केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि आई सी एस सी बोर्ड 11 वीं कक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों को 12वीं कक्षा में प्रमोट करने का कोई अधिकार नहीं देता। स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा 11 वीं कक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों को पहले 12 वीं कक्षा में प्रमोट किया और फिर मध्य सत्र में अयोग्य घोषित करते हुए स्कूल से बाहर कर दिया।जिससे अब वह ओपन बोर्ड या अन्य किसी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा देने योग्य भी नहीं रहे। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से इस प्रकार का खिलवाड़ निंदनीय है।प्रदेश में शिक्षा माफियाओं के दखल से स्कूलों द्वारा छात्रों के भविष्य के दृष्टिकोण के बजाय व्यापारिक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।यूकेडी शुरू से ही पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लड़ता रहा है तथा ऐसी हर लड़ाई में अभिभावकों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा रहेगा।धरने में मुख्य रुप से सुशील कुमार, अनीता शास्त्री, गौरव उनियाल, ललित कुमार,महेश कोहली,मदन सिंह,नानक सिंह,अर्जुन सिंह रावत,देवेंद्र कठैत,विजेंद्र रावत, सुरेंद्र बुटोला, अंजना प्रधान,रेनी कोटिया श्रेष्ठा,सूरज कोचर, पूनम गुरुंग आदि शामिल थे।

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