नदियों के जल स्तर में कमी से विद्युत उत्पादन प्रभावित

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देहरादून–नदियों का जलस्तर कम होने से बिजली उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। हालांकि राहत की बात ये है कि तमाम स्रोतों से प्राप्त बिजली से मांग पूरी हो रही है। लेकिन, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी तो उत्पादन और कम होगा, जिससे बिजली संकट गहरा सकता है। उधर, ऊर्जा निगम का दावा है कि ऐसी स्थिति कतई नहीं बनेगी।दरअसल सर्दियां शुरू होते ही ग्लेशियरों से बर्फ पिघलना कम हो गया है, जिससे नदियों में जलस्तर घटने लगा है। जल विद्युत निगम की राज्य में 1284.85 मेगावाट क्षमता की कुल 13 परियोजना हैं। इनसे एक अक्टूबर तक जहां 18 से 19 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली उत्पादन हो रहा था, वह अब घटकर 13 से 14 एमयू पर आ गया है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, वैसे-वैसे जलस्तर और कम होता चला जाएगा। उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के मुख्य अभियंता एवं प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच दिन से मांग भी कम है, क्योंकि औद्योगिक इकाइयां बंद हैं। बिजली की कमी इसलिए नहीं होगी, क्योंकि गैस परियोजना से बिजली मिल रही है। साथ ही पंजाब से बैंकिंग के माध्यम से बिजली आ रही है। जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि बिजली उत्पादन नदियों के जलस्तर पर निर्भर होता है। फिर भी अधिक से अधिक उत्पादन का प्रयास रहेगा।
केंद्रीय पूल से भी मिल रही कम बिजली
केंद्रीय पूल से सितंबर आखिर तक 15 से 16 एमयू बिजली मिल रही थी। लेकिन, अब इसमें कमी आ गई है। फिलहाल नौ से 11 मिलियन यूनिट बिजली मिल रही है। बिजली मांग की बात करें तो 19 अक्टूबर को करीब 28 एमयू थी, जो सभी स्रोतों से मिली बिजली से पूरी हो गई।
बिजली उत्पादन की स्थिति
21 अक्टूबर, 13.28 एमयू
20 अक्टूबर, 14.26 एमयू
19 अक्टूबर, 14.48 एमयू
18 अक्टूबर, 14.18 एमयू
17 अक्टूबर, 13.65 एमयू
16 अक्टूबर, 13.85 एमयू
15 अक्टूबर, 13.65 एमयू
14 अक्टूबर, 14.92 एमयू
13 अक्टूबर, 14.37 एमयू
12 अक्टूबर, 15.16 एमयू
11 अक्टूबर, 15.71 एमयू
10 अक्टूबर, 16.66 एमयू
नौ अक्टूबर, 16.55 एमयू
आठ अक्टूबर, 16.56 एमयू

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