भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से छह सवालों का जवाब मांगा उक्रांद ने

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देवभूमि उत्तराखंड में राज्य की भाजपा सरकार के छ:माह की उपलब्धियों को शून्य बताते हुए राज्य की क्षेत्रिय पार्टी उत्तराखंड क्राति दल ने भाजपा की डबल इंजन सरकार वाली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के राज्य की अस्थाई राजधानी देहरादून आने के एक दिन पूर्व छ:सवालों के जवाब पूछे हैं।
दल ने आज घंटाघर स्थित पर्वतीय गांधी स्वर्गीय श्री इंद्रमणी बडोनी जी की प्रतिमा के समक्ष सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम बताते हुए धरना दिया। उल्लेखनीय है कि आज से ठीक 1 माह पहले उत्तराखंड में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनाने की अपील पर राज्य वासियों ने भरोसा करते हुए भाजपा को प्रचंड बहुमत दिया किंतु प्रदेश में पिछले 6 माह के भाजपा के शासनकाल मैं जहां सरकार जनविरोधी निर्णय और तानाशाही करती नजर आई वहीं सरकार के मंत्री व विधायक आपस में लड़ते भिड़ते और दबंगई करते नजर आए शराब माफियाओं, खनन माफियाओं और भू-माफियाओं को संरक्षण देते देते राज्य की कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है सरकार जनता दरबार के बहाने जनता को ब्लैकमेल करके संगठन से जुड़ने के लिए मजबूर कर रही है जिस जनता दरबार को मुख्यमंत्री आवास में लगाया जाना चाहिए था उसे भाजपा कार्यालय में लगाया जा रहा है जिससे जन समस्याओं से पीड़ित जनता को भाजपा से जुड़ने के लिए मजबूर किया जा सके। राज्य में बेरोजगारों , शराब का विरोध करती महिलाओं तथा विश्व के द्वितीय नंबर के विशालकाय और संभवत महा विनाशकारी पंचेश्वर बांध का विरोध करते पर्वतीय ग्रामीणो, भूमाफिया की सांठगांठ से होने वाले स्थानीय निकाय सीमा विस्तार का विरोध करते राज्य के जनप्रतिनिधियो कर्ज के तले दबे आत्महत्या करते किसानों के प्रति सरकार आंखे मूंदे बैठी है। यह दुर्भाग्य की बात है कि ऐसी विकर्तव्य विमूढ़ सरकार को लताड़ लगाने के बजाए उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठ थपथपाने आ रहे हैं। आज के धरने के माध्यम से उत्तराखंड क्रांति दल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी से मांग करता है कि राज्य सरकार की पीठ थपथपाने से पहले छह माह के शासनकाल से संबंधित छह जवाब प्रदेश की जनता को दें।
१- डबल इंजन की सरकार बनवाकर परिसंपत्तियों के बटवारे में उत्तराखंड को क्या फायदा मिला?
२- प्रचंड बहुमत की सरकार होने के बावजूद सरकार किसानों से किए वादे पूरे करने में क्यों नाकाम रही? सरकार किसानो को जीने की प्रेरणा नहीं दे पाई जबकि 11 विधायकों वाला विपक्ष किसानों को मरने के लिए उकसाता रहा।
३- पर्यायवरण तथा आपदा के लिहाज से संवेदनशील राज्य उत्तराखंड में स्थानीय लोगों के जबरदस्त विरोध के बावजूद पंचेश्वर बांध जैसे विशालकाय बांध का निर्माण क्यों?
४- चुनाव से पूर्व उत्तराखंड को मध्य निषेध करने की बात करने वाली भाजपा के शासन में शराब माफियाओं को संरक्षण देते हुए शराब की दुकानों का विरोध करती मात्री शक्तियों पर सैकड़ों झूठे मुकदमे दर्ज क्यों किए गये तथा सरकार द्वारा शराब माफियाओं की पैरवी उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय में क्यों की गई?
आनन-फानन में राष्ट्रीय राजमार्गों का नाम बदलकर जिला मार्ग घोषित किया गया?
५- उत्तराखंड की स्थानीय निकायों की दयनीय आर्थिक स्थिति, आवश्यक संसाधनों व कर्मचारियों की भारी कमी,अक्षम कार्यप्रणाली के बावजूद केवल शराब माफियाओं की माफियाओं को राहत देने के लिए स्थानीय निकायों का सीमा विस्तार करने की आवश्यकता क्यों?
६- पिछले 6 माह में अच्छी शिक्षा सस्ती चिकित्सा जनता को प्रदान करने तथा बेरोजगारी और पलायन रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाने की योजना है?

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